Monday, September 20, 2021
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इंडो-नेपाल कमला तटबंध अब आपस में जुड़ेगा जयनगर आस पास गाँव सहित तटबंध से सटे अन्य गांवों में नहीं आएगी बाढ़

16 करोड़ की लागत से 1820 मीटर लंबे तटबंध का निर्माण किया जाएगा

भारत नेपाल का कमला तटबंध अब आपस में जुड़ेगा। कुल 1820 मीटर तटबंध के निर्माण के लिए टेंडर पूरा हो गया है। 16 करोड़ रुपए का यह टेंडर गोपालगंज के शक्ति कंस्ट्रक्शन को मिला है। भारत स्थित पूर्वी कमला तटबंध बॉर्डर से सटे बेतीहा के नजदीक खत्म होता है। यहां से 1210 मीटर उत्तर नेपाली तटबंध खत्म होता है। बीच के खाली भाग से होकर बाढ़ का पानी करीब 12 से अधिक गांवों को पूरी तरह से प्रभावित करता है। वहीं भारतीय पूर्वी तटबंध बॉर्डर से सटे अकोन्हा के नजदीक समाप्त होता है। अकोन्हा से करीब एक किमी पूर्व बलुआ टोल पॉइंट से 610 मीटर उत्तर नेपाली तटबंध खत्म हो जाता है। अब सरकार ने इन तटबंधों को आपस में जोड़ने का निर्णय ले लिया है। तटबंध निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारी सक्रिय है। कमला तटबंध निर्माण की लेकर भूमि अधिग्रहण करने में विभागीय अधिकारी की समस्याएं हो रही है। जिन-जिन किसानों का जमीन अधिग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत पड़ता है वह सबसे पहले मुआवजे की मांग कर रहे है जिसके कारण कई जगहों पर अधिकारी को भूमि अधिग्रहण मैं दिक्कतें आ रही है। बैलही समेत अन्य गांव के किसानों की मांग है कि भूमि अधिग्रहण से पहले मुआवजा दिया जाए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में करीब 21 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में देना पड़ रहा है।

बेतोन्हा, कमलाबाड़ी, जोगिया, सिधपकला, बैरा, परसा के लिए नया सुरक्षा कवच बनेगा

भारतीय और नेपाली तटबंध आपस में जुड़ जाने से दर्जनों गांवों को बाढ़ के कहर से मुक्ति मिल जाएगी। पूर्वी तटबंध नेपाली तटबंध से जुड़ जाने से बेतोन्हा, कमलाबाड़ी, बेलही पूर्वी, बेलही पश्चिमी परवा बेलही, जोगिया, सिधपकला के कुछ भाग समेत अन्य गांव के लोग बाढ़ की भीषण तवाही से बच जाएंगे। वहीं, पश्चिमी तटबंध नेपाली तटबंध से जुड़ जाने से अकोन्हा, देवधा उत्तरी, देवधा मध्य, देवधा दक्षिणी, बैरा, परसा, बस्ती व दुल्लीपट्टी का कुछ भाग समेतअन्य गांव को भी बाढ़ की तबाही से मुक्ति मिल जाएगी कमला प्रमंडल के अभियंता शरद कुमार ने बताया कि भारत नेपाल को जोड़ने वाली कुल 1820 मीटर लंबे तटबंध निर्माण का टेंडर हो गया है। 16 करोड़ की लागत से पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध का निर्माण होगा। भूमि अधिग्रहण होने के बाद तटबंध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कहा कि तटबंध का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 24 से अधिक गांवों की पूरी तस्वीर ही बदल जाएगी।
जमीन अधिग्रहण के मामले में सुस्ती बरत रहे अंचलकर्मी

कमला प्रमंडल जयनगर अंचल कार्यालय से पूर्व में ही आवेदन के माध्यम से उस रूट के किसानों के खाता खेसरा नंबर की मांग की गई थी ताकि उन किसानों से मिलकर भूमि अधिग्रहण संबंधी बात हो सके। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महीनों बीत गए लेकिन अंचलाधिकारी ने अभी तक संबंधित रिपोर्ट नहीं दी है। अंचलाधिकारी संतोष कुमार का यहां से तबादला भी हो गया। अब उनके जगह पर नए अंचलाधिकारी पद्धार लेंगे।

15 जून 2022 तक तटबंध का निर्माण कार्य पूरा होगा

संवेदक को अगले साल 15 जून 2022 तक पूर्वी और पश्चिमी कमला तटबंधों का निर्माण कार्य पूरा करना है। इसी साल जनवरी में कमला तटबंध के निर्माण का टैंडर हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में जिलाधिकारी की बैठक में भी चर्चा हुई है। जयनगर अंचल कार्यालय से भूमि अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक पेपर मिल जाने के बाद चिह्नित किसानों से इस मामले में बातचीत की जाएगी।
पूर्वी तटबंध की लंबाई 1210 मीटर, जबकि पश्चिमी तटबंध की लंबाई 610 मीटर होगी

सोर्स : दैनिक भास्कर

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