Sunday, October 17, 2021
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बिहार के लोगों को लेकर सीएम नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान, जानिए महिलाओं, किसानों और विद्यार्थियों को क्या दी सौगात

बिहार के लोगों के लिए सीएम नीतीश कुमार रविवार को बड़ा ऐलान किया है। 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेश की कृषि, शिक्षा और पर्यटन के विकास के साथ ही महिलाओं, किसानों, सरकारी कर्मचारियों और छात्र छात्राओं के लिए कई सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन के बाद राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए इन सौगातों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि केन्द्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों को 01 जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता की दर 11 प्रतिशत बढ़ाते हुये 17 प्रतिशत के स्थान पर 28 प्रतिशत दिया जायेगा। इससे संबंधित आदेश वित्त विभाग द्वारा शीघ्र निर्गत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अधीन तीन महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी । सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, भोजपुर में नया कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय और पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी ।

2700 करोड़ रुपए की लागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को कृषि उत्पादों के लिए बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी कृषि बाजार समितियो का जीर्णोद्धार एवं विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यहां पर अनाज, फल सब्जी एवं मछली की अलग-अलग बाजार व्यवस्था और स्टोरेज की सुविधा आदि कार्य कराए जाएंगे । इस पर लगभग 2700 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार में इको टूरिज्म के विकास के सभी कार्य अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जरिए कराए जाएंगे। इसके लिए विभाग में ईकोटूरिज्म विंग की स्थापना की जाएगी । इसके अंतर्गत पहाड़ी, वन एवं वन्य प्राणी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाओं का निर्माण एवं रखरखाव किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त इको टूरिज्म नीति का निर्धारण भी शीघ्र किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी गांव को अगले चार साल में दुग्ध सहकारी समितियां से आच्छादित किया जाएगा। जितनी भी नई समितियां बनेंगी उनमें से 40 प्रतिशत महिला दुग्ध समितियां होंगी । सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए विक्रय केंद्र का शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विस्तार किया जाएगा। अगले चार साल में सभी नगर निकाय एवं प्रखंड स्तर तक सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र खोले जाएंगे । सीएम ने कहा कि सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की  मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपए प्रोत्साहन दिया जाता है।  इस योजना की तर्ज पर अब अन्य सभी वर्गों की युवतियों के लिए भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी ताकि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति हेतु अनुसूचित जाति अनुसूचित/जनजाति एवं अन्य पिछडे वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए परिवारिक आय की सीमा भारत सरकार द्वारा 2.5 लाख रूपये निर्धारित की गयी है। घोषणा की कि अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछडा/अति पिछडा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रूपये किया जायेगा। बढ़ी हुयी पारिवारिक आय सीमा के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जायेगा। प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से की जाएगी।

तीसरी लहर को देखते हुए सरकार की पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना जांच, इलाज, ऑक्सीजन एवं दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। अब तक 3 करोड़ 94 लाख से अधिक जांच की गई है। 14 अगस्त, 2021 को एक्टिव मामले मात्र 250 थे जबकि 39 नये केस मिले हैं। 14 अगस्त तक कोरोना के कुल 3 करोड़ के करीब टीके लगे। हमलोगों ने ‘6 माह में 6 करोड़ टीकाकरण’ का विशेष अभियान चलाया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को मदद की गई। सामुदायिक किचेन चलाये गए। मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपये अनुदान के रुप में दिया जा रहा है। अनाथ बच्चों के लिए बाल सहायता योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए सरकार की पूरी तैयारी है। दवाइयों एवं ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 122 अस्पतालों में पीएसए प्लांट में से 34 पूर्ण हो चुके हैं और शेष में इस महीने के अंत तक कार्य पूर्ण हो जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में 5 क्रायोजेनिक टैंक स्थापित किए गए हैं जबकि शेष कार्य इस महीने के अंत तक पूर्ण हो जाएंगे। हमारी सबसे अपील है कि कोरोना संक्रमण के प्रति सभी सचेत रहें, मास्क का उपयोग जरूर करें, आपस में दूरी बनाकर रखें, हाथ धोते रहें और अकारण बाहर न निकलें।

बाढ़ से 26 जिलों की लाखों आबादी प्रभावित

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बनी है। इस वर्ष जून माह में लगभग दोगुनी वर्षा हुई, उत्तर बिहार के 11 जिले प्रभावित हुए। अगस्त के प्रथम सप्ताह में अभी 15 जिले प्रभावित हैं। अब तक कुल 26 जिले प्रभावित हुये हैं। दक्षिण बिहार में भी बाढ़ की स्थिति बनी। गंगा नदी के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ में फंसे लोगों को सहायता किया जा रहा है। फूड पैकेट का वितरण किया जा रहा है। राहत केन्द्र एवं सामुदायिक रसोई केन्द्र खोले गये हैं। राहत केंद्रों पर कोरोना टेस्ट एवं टीकाकरण की विशेष व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। अनुग्रह सहाय्य राशि प्रभावित परिवारों को 6000 रुपये की दर से अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल क्षति का आकलन जारी है और उसके आधार पर कृषि इनपुट अनुदान दिया जायेगा। बिहार में अगस्त-सितम्बर में बाढ़ अक्सर आती है, इसको देखते हुए स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।

बिजली के क्षेत्र में क्या थी राज्य की स्थिति

सीएम ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में राज्य की क्या स्थिति थी। राजधानी पटना का ही क्या हाल था।  हर घर बिजली पहुंचा दी गई है। सभी जर्जर तारों को बदला जा चुका है। बिजली की आपूर्ति वर्ष 2005 में 700 मेगावाट थी वह बढ़कर अब 6 हजार 600 मेगावाट हो गयी है। स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाने वाला बिहार देष का पहला राज्य हो गया है। देश में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। राज्य में विधि व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। बिहार में कानून का राज स्थापित है। क्राइम, करप्शन, कम्यूनलिज्म के प्रति हमारी जीरो टॉलरेन्स नीति है। राज्य में आधारभूत संरचना को लेकर कई काम किए गए हैं।

बीईपी की झांकी को मिला पहला पुरस्कार

स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरकार के आठ विभागों की झांकियां निकलीं। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की झांकी ‘पढ़ेगी बेटी बढ़ेगा बिहार’ को पहला स्थान मिला। दूसरा स्थान ग्रामीण विकास विभाग की झांकी ‘जल जीवन हरियाली’ और तीसरा स्थान उद्योग विभाग के उपेन्द्र महारथी संस्थान द्वारा निकली झांकी ‘बिहार में खादी’ को मिला।

source : live hindustan

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