Monday, September 20, 2021
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‘भारत और नेपाल के बीच सहयोग बढ़ाने पर करेंगे काम’, पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से की बातचीत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से बातचीत कर उन्हें संसद में विश्‍वास मत हासिल करने पर बधाई दी. नेपाल में राजनीतिक संकट के कई दिनों बाद देउबा ने 13 जुलाई को पांचवी बार देश के प्रधानमंत्री की शपथ ली थी. नेपाल के संवैधानिक प्रावधान के तहत प्रधानमंत्री के तौर पर नियुक्ति के बाद 30 दिनों के अंदर सदन में विश्वास मत हासिल करना होता है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से बातचीत कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं. कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई समेत, भारत और नेपाल के बीच व्यापक सहयोग को और बढ़ाने के लिए हम साथ काम करेंगे.”वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया, “भारत और नेपाल के बीच अनूठे एवं दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराने संबंधों, जो विशेष मित्रता को रेखांकित करते हैं, का स्‍मरण करते हुए दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए एकसाथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई. उन्‍होंने विशेष रूप से, कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी प्रयासों को लेकर सहयोग और समन्‍वय को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की.”

‘हिमालयन टाइम्स’ की खबर के अनुसार, नेपाली कांग्रेस के 75 वर्षीय प्रमुख देउबा ने 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 165 मत हासिल किए थे. खबर में कहा गया कि 249 सांसदों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया और उनमें से 83 ने देउबा के खिलाफ मतदान किया, जबकि एक सांसद तटस्थ रहा. देउबा को संसद का विश्वास हासिल करने के लिए कुल 136 मतों की जरूरत थी.

12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिनिधि सभा को बहाल करने का दिया आदेश

देउबा के प्रधानमंत्री पद की शपथ के एक दिन पहले (12 जुलाई) नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा को बहाल करने का आदेश दिया था, जिसे पांच महीने में दूसरी बार 22 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की अनुशंसा पर राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने भंग कर दिया था. अदालत ने फैसले को असंवैधानिक करार दिया था.

यह पांचवीं बार है जब देउबा ने नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर सत्ता में वापसी की है. देउबा ने 69 वर्षीय के पी शर्मा ओली का स्थान लिया है, जिन्होंने शीर्ष अदालत पर विपक्षी पार्टियों के पक्ष में ‘जानबूझकर’ फैसला पारित करने का आरोप लगाया है. इससे पहले देउबा चार बार- सितंबर 1995 से मार्च 1997, दूसरी बार जुलाई 2001 से अक्टूबर 2002, तीसरी बार जून 2004 से फरवरी 2005 और चौथी बार जून 2017 से फरवरी 2018 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.

सोर्स :tv9हिंदी

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